अयोध्या मंदिर की पूरी कहानी क्या है, the full story of ram mandir ayodhya

अयोध्या मंदिर की पूरी कहानी क्या है, the full story of ram mandir ayodhya – दोस्तों न जाने कितनी आंखें बूढी होकर बंद हो गई ताकि अयोध्या में राम मंदिर बंटा हुआ देख सके और कई सालों तक संघर्ष किया लेकिन उसके बाद भी उनके जीवन काल में अयोध्या का राम मंदिर नहीं बन पाया था लेकिन आज के टाइम में सनातन धर्मियों के लिए बहुत ही सुख की बात है कि वह उनके जीवन काल में अयोध्या में भगवान राम की जन्म भूमि पर उनका इतना विशाल मंदिर बनते हुए देख रहे हैं और जो लोग नहीं जानते आखिर राम मंदिर के ऊपर इतना विवाद क्यों हुआ और राम मंदिर किसने तुड़वाया था और राम मंदिर बनने में इतना टाइम कैसे लग गया लगभग 500 सालों के बाद मंदिर का दोबारा विशाल मंदिर के रूप में निर्माण हो पाया है, हम आपको वीडियो में सारी सही जानकारी देंगे वीडियो के लिए करके पूरा देखिए चैनल सब्सक्राइब करिए

अयोध्या का मंदिर किसने तुड़वाया था

जैसे कि दोस्तों भगवान राम का जन्म अयोध्या में हुआ था तो अयोध्या में उनके कई सारे मंदिर से लेकिन 15 28 में बाबर ने युद्ध जीतने के बाद अयोध्या में बने राम मंदिर को तुड़वा दिया था और जिस जगह पर राम मंदिर था उसी जगह पर बाबरी मस्जिद बनवा दी थी, और उसे टाइम पर मुगल शासन का दौर था तो उनके खिलाफ कोई भी आवाज नहीं उठा सका था और 1528 के बाद 1720 तक मुगल के खिलाफ कोई भी खड़ा नहीं हो सका लेकिन फिर 1528 के बाद 1720 में राजस्थान के राजा जयसिंह के द्वारा मंदिर के के बारे में सवाल किए गए, क्योंकि उसे टाइम पर उनके मुगलों से बढ़िया संबंध थे लेकिन बच्चे यादव कुछ नहीं कर सके और फिर धीरे-धीरे उनके द्वारा कोशिश किए जाने पर उन्होंने राम मंदिर टूटने के बगल में भगवान राम का चबूतरा बनवा दिया जिससे ऐसा हुआ की बाबरी मस्जिद के अंदर तो मुसलमान लोग नमाज पढ़ते थे और जहां पर राम मंदिर का चबूतरा बनवाया था वहां पर हिंदू लोग पूजा किया करते थे लेकिन फिर भी राम मंदिर जो तोड़ा गया था उससे बहुत सनातनी धर्म की आस्था को ठेस पहुंचा था इसलिए वह भूल नहीं पा रहे थे की मंदिर को तोड़कर उसकी जगह पर मस्जिद बना दी गई है, क्योंकि अयोध्या में वह जगह राम भगवान के जन्म भूमि की थी, इसके बाद 1813 के लगभग में हिंदू संगठनों के द्वारा इन बातों के आरोप लगाए जाने लगे कि भगवान राम का मंदिर तोड़कर वहां पर मस्जिद बना दी गई है, और उसे टाइम पर अंग्रेजी शासन आ गया था तो उनके द्वारा भी इस जानकारी दी गई की बाबरी मस्जिद के अंदर कुछ हिंदू मंदिर की कलाकृतियां और मंदिर के होने के प्रमाण मिलते हैं, और उसके कुछ सालों बाद 1855 तक मस्जिद के पास ही मुसलमान लोग नमाज पढ़ते रहे और उसी जगह पर हिंदू लोग भी पूजा करते रहे, 1855 से पहले मुसलमान का भी मस्जिद में आना जाना बंद कर दिया था क्योंकि संघर्ष हो रहा था लेकिन उसके बाद में उनका इजाजत मिल गई,

अयोध्या का विवाद अदालत कब पहुंचा था

उसके बाद धीरे-धीरे करते 1885 में अयोध्या का विवाद अदालत पहुंच जाता है, जिसमें हिंदू संगठन की ओर से राम चबूतरे को बड़ा करने की परमिशन मांगी जाती है लेकिन अदालत के द्वारा मन कर दिया जाता है उसके बाद 1934 35 के करीबन अयोध्या में मंदिर और मस्जिद को लेकर विवाद और संघर्ष होना चालू हो गया जिसमें की मस्जिद की एक दीवार टूट जाती है लेकिन उसको बाद में दोबारा बनवा दिया जाता है लेकिन संघर्ष ना बड़े इसलिए उसमें मुसलमान की एंट्री बंद कर दी जाती है, और फिर 1947 को देश अंग्रेजों से आजाद हो जाता है, उसके बाद भी 1980 तक अदालत में इसका कैसे चलता रहता है हिंदू लोग मंदिर होने का और मुसलमान लोग मस्जिद होने का दावा करते रहते हैं लेकिन फिर 1980 के बाद जब बीजेपी, विश्व हिंदू परिषद और संघ अपने-अपने तरीके से मंदिर बनाने के लिए प्रयास करते हैं और आंदोलन में लग जाते हैं, और उसके बाद 1992 के टाइम में 2 लाख कर सेवक बाबरी मस्जिद को खत्म करने के लिए अयोध्या पहुंच जाते हैं क्योंकि वहां पर मंदिर को तोड़कर मस्जिद बनाई गई थी इसलिए और दिसंबर 1992 को उनके द्वारा मस्जिद की ढांचे गिरा दी जाते हैं, उसके बाद कई जगह पर हिंदू और मुस्लिम के बीच में नंगे देखने को मिलते हैं जिसमें अयोध्या में और कहीं जगह कुछ लोग मारे जाते हैं, उसके बाद जब बीजेपी दोबारा केंद्र में आ जाती है तो मस्जिद के ढांचे वाली जगह का मालूम करने के लिए की पहले वहां पर क्या था इसकी जिम्मेदारी असी को सौपी जाती है जिसके द्वारा ऐसा दावा किया जाता है कि जहां पर मस्जिद का ढांचा है वहां पर पहले मंदिर था उसके कुछ सबूत मिलते हैं हिंदू कलाकृतियां और मूर्तियां मिलती हैं जिससे साबित होता है कि वहां पहले मंदिर था, जो कि पहले ऐसा सबूत था कि वहां पर मंदिर था इसके बाद भी पहले हाई कोर्ट उसके बाद सालों तक सुप्रीम कोर्ट में इस बात का कैसे चलता रहता है फिर 9 नवंबर 2019 में सारे प्रूफ को हिंदी भाषा और अंग्रेजी भाषा में कन्वर्ट करके सुप्रीम कोर्ट के सामने रखा जाता है इसके बाद सुप्रीम कोर्ट की तरफ से फैसला आता है विवादित जमीन राम जन्मभूमि ट्रस्ट को दे दी जाए, तो इस तरह भगवान राम के मंदिर को बनने में लगभग 500 साल का समय लग गया और इतना सारा संघर्ष करना पड़ गया,

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