इंडिया गठबंधन vs भारतीय जनता पार्टी इंडिया गठबंधन से किसने नाता तोड़ा

इंडिया गठबंधन vs भारतीय जनता पार्टी इंडिया गठबंधन से किसने नाता तोड़ा – लोकसभा चुनाव 2024 आने में बहुत ही कम टाइम बचा है लेकिन इसमें बीजेपी के सामने वाली सारी पार्टी ने मिलकर बनाया इंडिया गठबंधन कमजोर पे कमजोर होता जा रहा है तो क्या ऐसे में इंडिया गठबंधन आने वाले चुनाव मे मोदी जी का सामना करने के लायक भी बचेगा या नहीं क्योंकि एक साइड पीएम मोदी तो संसद में खुलकर बोल रहे हैं अबकी बार 370 पार या 400 पार इतने विश्वास के साथ, और विपक्षी गठबंधन को झटके पर झटके लगते जा रहे है. हाल ही मे INDIA गठबंधन को क्या झटका लगे किसने नाता तोड़ा जानिए वीडियो पर ओके करके अच्छी बात पूरी सुनिए और समझिए सबसे बड़ा झटका दिया बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने RJD और इंडिया के साथ गठबंधन को तोड़कर बीजेपी के बहुमत से 28 जनवरी 2024 को रविवार को मुख्यमंत्री बने नीतीश कुमार ने लालू यादव की पार्टी आरजेडी से गठबंधन तोड़कर बिहार में बड़ा उलटफेर कर दिया. उन्होंने एक बार फिर बीजेपी के साथ गठबंधन किया और नौवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. उनके इस कदम से INDIA गठबंधन को बड़ा झटका लगा है. कारण, एक तरफ माना जा रहा था कि नीतीश कुमार इंडिया गठबंधन में बड़ी भूमिका निभाएंगे, लेकिन उन्होंने INDIA को बड़ा झटका देकर एनडीए के साथ गठबंधन कर लिया. इसके साथ ही बिहार में इंडिया गठबंधन का लोकसभा चुनाव का गणित पूरी तरह बदल गया है. वहीं अब आरजेडी और कांग्रेस के बीच गठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर पेच फंस सकता है, क्योंकि जिस टाइम पर गठबंधन बना था सारी पार्टियों ने आपस में सीट शेयरिंग करने के बादे भी किए थे अब जो कि नीतीश कुमार अलग हो चुके हैं तो तेजस्वी यादव को और कांग्रेस के बीच में सीट शेयर करने मैं समस्या वाला हो सकती है, इनके अलावा एक बड़ा झटका दिया पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अकेले चलो का नारा लगाकर मतलब की अकेले अपने दम पर लोकसभा 2024 चुनाव लड़ेंगी, पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री और तृणमूल सरकार की अध्यक्ष ममता बनर्जी ने 24 जनवरी को ऐलान कर दिया कि टीएमसी लोकसभा चुनाव में अकेले ही चुनाव मैदान में उतरेगी. ममता ने INDIA की बैठक में कांग्रेस को सिर्फ 2 सीटें बरहामपुर और मालदा दक्षिण देने की बात कही थी, जबकि कांग्रेस 11 से 12 सीटें मांग रही थी. इस पर जब बात नहीं बनी तो बंगाल सीएम ने अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया. ऐसे में प्रदेश में विपक्षी गठबंधन को सबसे पहला झटका लगा.उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव की सपा और कांग्रेस का इंडिया का गतबधन टूटता दिख रहा है क्योंकि अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी के साथ खड़े आरएलडी के अध्यक्ष जयंत चौधरी अपनी पार्टी को बीजेपी में शामिल कर सकते हैं, रिपोर्ट के मुताबिक बीजेपी की ओर RLD के बीच में बातें चल रही है बीजेपी की साइड से RLd को कुछ सीटें ऑफर की गई है लेकिन बो उससे ज्यादा सीट की मांग कर रहे हैं और उसको लेकर बात चल रही है अगर उनके बीच में मामला फिक्स होता है तो अखिलेश यादव को आरएलडी के जाने से बहुत बड़ा झटका लगेगा आरएलडी और अखिलेश यादव ने साथ में कहीं चुनाव लड़े हैं, इसके अलावा एक बड़ा झटका यह लगा कि अजित पवार को चुनाव आयोग ने एनसीपी पार्टी का चुनाव चिन्ह और नाम इस्तेमाल करने पर रोक लगा दि है मतलब साफ-साफ है कि जो अजीत पवार इंडिया गनबंधन में शामिल है उनकी पार्टी का पावर उनसे लिए जा चुका है चुनाव आयोग ने अजीत गुट को असली एनसीपी का हकदार बताया है, जिससे कि इंडिया गठबंधन को झटका लगा है क्योंकि शरद पवार इंडिया गठबंधन में शामिल थे और उनके हाथ से पार्टी निकलना मतलब महाराष्ट्र में इंडिया गतबंधान कई सारी सीटों पर उसको कमजोर करता हैएक बड़ा झटका लगा झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी होने से लगा, हालांकि उनके जाने से मुख्यमंत्री तो उनकी पार्टी के बने लेकिन इसका नुकसान लोकसभा चुनाव में हो सकता है हेमंत सोरेन को कुछ दिनों पहले ही ईडी ने घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग केस में गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तारी से पहले उन्हें इस्तीफा भी देना पड़ा और पार्टी की कमान चंपई सोरेन की सौंपी गई. लेकिन इसका असर लोकसभा चुनावों में दिखना तय है. कारण, प्रदेश की 14 सीटों का रणनीतिकार यानी हेमंत सोरेन अब सलाखों के पीछे हैं प्रदेश में लोकसभा चुनावों को लेकर INDIA गठबंधन का पूरा गणित बिगड़ सकता है और इसका सीधा फायदा बीजेपी को मिल सकता है.तो ऐसे में जो इंडिया का नंबर बीजेपी के सामना करने के लिए एकजुट हुआ था बीजेपी के सामने की सारी बड़ी-बड़ी विपक्षी पार्टियों एक मत होकर 2024 के लोकसभा चुनाव में मोदी जी का सामना करती लेकिन अब धीरे-धीरे बिखरती जा रही है मतलब कमजोर होती जा रही है तो बीजेपी के लिए चुनाव जीतना बहुत ही आसान होता जा रहा हैशरद पवार की एनसीपी पार्टी का मामला मालूम ना हो तो यह है कि पिछले साल ही एनसीपी के बड़े नेता अजीत पवार ने बगावत करते हो पार्टी के दो हिस्से करने की ठान ली और महाराष्ट्र में एकनाथ शिंदे सरकार को समर्थन दे दिया था, और ncp पार्टी केकई सारे विधायक ने उनके साथ समर्थन दिया था और अजीत गुट ने एनसीपी पार्टी पर अधिकार करने का दावा किया था, और उनके गुट को एनसीपी का असली हकदार बताया था इससे पहले विधानसभा अध्यक्ष ने तो अजीत के गुट को एनसीपी का असली अंधक्ष कहकर चुनाव चिन्ह और पार्टी के नाम का अधिकार दे दिया था लेकिन सरद पवार के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी और चुनाव आयोग में भी और हाल ही में चुनाव आयोग ने तो अजीत के गुट को ही एनसीपी पार्टी का असली हक दे दिया और चुनाव चिन्ह और पार्टी का नाम इस्तेमाल करने का अधिकार भी दे दिया ऐसे में शरद पवार के हाथसे पार्टी निकल गई जिससे कि महाराष्ट्र में लोकसभा सीट मेजिससे कि महाराष्ट्र में लोकसभा चुनाव में वोटिंग फर्क पड़ सकता है, क्योंकि एनसी पार्टी का नाम और चुनाव चिन्ह अजीत गुट इस्तेमाल करेगा शरद पवार नहीं

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