बच्चा जन्म के बाद क्यों रोता है, क्या बच्चे का रोना सही होता है

बच्चों के रोने के फायदे क्या होते हैं, बच्चों का रोना सही काम माना जाता है, इस तरह के सवालों के जवाब जानने के लिए आर्टिकल को आगे तक पढ़िए

बच्चा जन्म के बाद क्यों रोता है जब भी किसी बच्चे का जन्म होता है तो जन्म होते ही वे बच्चा रोने लगता है और अपने जन्म के 2 महीने 6 महीने 1 साल तक और आगे भी बच्चा अपनी इस उम्र में रोता रहता है तो क्या छोटे बच्चों का रोना सही होता है या गलत होता है और जब बच्चा जन्म के बाद रोता है तो उससे क्या मालूम पड़ता है कि बच्चा क्यों रो रहा है किसी समस्या के कारण रो रहा है या अब स्वस्थ इसलिए रो रहा है यह सवाल सभी पेरेंट्स और भी लोगों के मन मे तो जानेंगे कि बच्चों के रोने का क्या संकेत होता है और रोने क के फायदे और नुकसान क्या होते हैं

जन्म होते ही बच्चों के रोने का कारण क्या है

जब भी एक बच्चे का जन्म होता है और वह गर्व से बाहर आता है तो उसके लिए पूरा अलग एनवायरमेंट होता है गर्भ के अंदर धीरे-धीरे बच्चो के फेफड़े और सारे बॉडी पार्ट डेवलप्ड होते हैं लेकिन गर्भ के अंदर वह काम नहीं करते है, जब बच्चा 9 महीने तक गर्भ में रह लेता है तो उसे टाइम तक बच्चों के सारे अंदर बाहर के बॉडी पार्ट कंप्लीट हो जाते हैं और बच्चे के जन्म का समय हो जाता है और जब भी एक बच्चा जन्म लेता है तो 90% केस में बच्चा जन्म लेते ही रोता है देखिए अगर बच्चा अपने जन्म होते ही रो रहा है तो यह एक अच्छा संकेत माना जाता है क्योंकि अगर बच्चा रो रहा है तो उसके अंदर के फेफड़े और हार्ट और सब अच्छे से कम कर रहे हैं, और जब बच्चा रोता है तो उसके मुंह के द्वारा अंदर हवा जाती है सांस जाती है जिससे कि उसके फेफड़ों तक सांस पहुंचती है जो की जरूरी होता है अगर जन्म के बाद बच्चा खुल के रो रहा है उसकी तेज आवाज में रो रहा है तो यह इस बात का संकेत होता है कि बच्चा पूरी तरह स्वस्थ है और अगर बच्चा बहुत ही धीमी आवाज में और रुक-रुक कर रोता है तो चेक किया जाता है कि बच्चों को किसी तरह की समस्या तो नहीं है इसीलिए जब भी जन्म के बाद बच्चा नहीं रोता है तो डॉक्टर उसकी पीठ पर हल्के से थपथपा कर रुलाने की कोशिश करते हैं जिससे कि बच्चों के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी मिल सके,

क्या बच्चे रोना सही होता है

अक्सर हम लोग देखते हैं कि छोटे बच्चे रोते ही रहते हैं उनके जन्म के चार महीने 8 महीने 1 साल तक ज्यादातर रोते हैं लेकिन कि आप जानते हैं कि उस टाइम पर रोने के फायदे भी होते हैं देखिए अगर कोई बच्चा किसी हेल्थ प्रॉब्लम के कारण रोता है तो उसको उसका तो तुरंत ट्रीटमेंट करवाना चाहिए, लेकिन अगर बच्चा बिना किसी कारण भी कभी कभी रोता है तो वह गलत नहीं होता है क्योंकि छोटी सी उम्र में जब बच्चे रोते हैं तो उनके अंदर फेफड़ों पर प्रेशर जाता है और वह मजबूत होते हैं और उनके अंदर की सारी मांसपेशियां का सरकुलेशन भी अच्छे से होता है बच्चों की बॉडी का मूवमेंट भी हो जाता है जो कि उसकी हेल्थ के लिए अच्छा माना जाता है डॉक्टर के द्वारा भी ऐसा कहा जाता है कि छोटी आगे में बच्चे का रोना ठीक होता है इसीलिए अगर बच्चा बिना किसी हेल्दी पर प्रॉब्लम के भी रोता है तो कोई घबराने की बात नहीं होती है अगर वह ज्यादा ही रोता है तो उसको डॉक्टर को दिखाना सही होता है

जन्म के समय रोने के कुछ अलग कारण जब बच्चे का जन्म होता है तो जन्म लेते समय मदर और बच्चे दोनों के लिए पेनफुल टाइम होता है जन्म के समय बच्चे की बॉडी पर भी अच्छे से ध्यान दिया जाता है कि हाथ पैर या कहीं पर कोई प्रॉब्लम ना हो और जन्म होने के बाद बच्चे की की बॉडी से घर बना जुड़ी होती है जो कि डॉक्टर के द्वारा जन्म के बाद काट दी जाती है जिससे दर्द होता है जिसके कारण भी बह होते हैं तो उनका रोना स्वभाविक हो जाता है इसीलिए जन्म के समय भी बच्चे का रोना अच्छा माना जाता है

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