भगवान राम के जन्म की कहानी, भगवान राम का जन्म कैसे हुआ था, the story of ram birth

भगवान राम के जन्म की कहानी भगवान श्री राम का जन्म मानव अवतार में इस दुनिया में हुआ था और उनके जन्म की कथा सभी लोग जानना चाहते होंगे तो आज हम आपको इस वीडियो के माध्यम से भगवान श्री राम के जन्म की सही कहानी बताते हैं जिसके लिए वीडियो आगे तक देखिए, महाराजा दशरथ के मन में पुत्रों को प्राप्त करने की इच्छा थी और इसके लिए उन्होंने यज्ञ करवाया था, और उन्होंने अपनी तरफ से समस्त मानस भी तपस्वी विद्वान ऋषि सबको यज्ञ के लिए निमंत्रण भेज दिया और सबके साथ में यज्ञ को प्रारंभ करवा दिया, यज्ञ को करने के पश्चात वहां पधारे समस्त ऋषि मुनि, पंडित ब्राह्मण आदि को धन-धन गोदान देकर यज्ञ समाप्त करवा दिया और यज्ञ से उत्पन्न हुआ प्रसाद खीर को महल में ले जाकर अपनी तीन ईरानियन को खिला दिया जिसके बाद से तीनों रानियां ने गर्भधारण किया

और जब चैत्र मास के शुक्ल पक्ष को राजा दशरथ की बड़ी रानी कौशल्या के गर्व से एक बच्चे का जन्म हुआ, जो कि नील बंद बहुत आकर्षित और सुंदर था सारे लोग उसको देखते ही रह गए, और फिर आगे कुछ टाइम बाद महाराज दशरथ की एक रानी कैकई ने एक पुत्र तथा तीसरी रानी सुमित्रा ने दो तेजस्वी पुत्रों को जन्म दिया था

और उस समय पूरे राज्य में खुशी और हर्ष उल्लास के साथ सब लोग झूम उठे क्योंकि महाराज दशरथ के महल में चार पुत्रों का जन्म जो हुआ था, स्वर्ग के देवता गढ़ अपने विमान में बैठकर फूल की वर्षा करने लगे गंधर्व गण करने लगे अप्सरा नृत्य करने लगी खुशी बाद माहौल आ गया, और उन चारों पुत्रों का नामकरण महर्षि वरिष्ठ के द्वारा किया गया था महर्षि वरिष्ठ के द्वारा ही रामचंद्र भरत ,लक्ष्मण और शत्रुघ्न नाम दिए गए थे

और फिर धीरे-धीरे चारों की आयु बढ़ाने के साथ-साथ भगवान राम सभी तरह के गुना में अपने भाइयों से आगे बढ़ने लगे और सारी प्रजा के लोग फिर बनते गए, और सभी तरह के विषयों में पारंगत होते चले गए, बहुत ही कम समय में सभी तरह के वाहनों की सवारी करना सभी तरह के अस्त्र-शस्त्र चलाना सीख गए और उनके साथ-साथ उनके सारे भाई भी सिखाते चले गए, और इन सबके साथ-साथ अपने माता-पिता और सारे महल के ब्रध जनों की सेवा करने लगे गुरुजनों के प्रति सम्मान समर्पण सारे भाइयों में था और आपस में परस्पर प्रेम भी था, तो यह थी भगवान श्री राम के जन्म की और उनके सारे भाइयों के जन्म की कहानी

Leave a Comment