भगवान राम चित्रकूट में 12 वर्ष रहे थे, भगवान राम ने पांडू कुटी का निर्माण कब किया था,

भगवान राम चित्रकूट में 12 वर्ष रहे थे – भगवान राम के पूरे 14 वर्ष के वनवास काल में चित्रकूट एक वह स्थान है जहां पर कि वह सबसे अधिक समय रहे थे भगवान राम ने अपना वनवास कल यहां पर 12 वर्षों तक बिताया था और चित्रकूट पहुंचकर एक पंडित कुटी का निर्माण भी किया था और चित्रकूट में मानव जाति निवास कर सके इसके लिए वहां पर राक्षसों का नरसंहार भी किया था तो जानिए कि भगवान ने पुण्य कोटि का निर्माण कैसे किया और वहां पर राक्षसों को कैसे मारा था,

पर्णकुटी का निर्माण करने के साथ टोटल 24 कुटिया बनाई थी

चित्रकूट में भगवान ने वनवास काल के दौरान टोटल छोटी बड़ी 24 कुटिया बनाई थी लेकिन सबसे महत्वपूर्ण परिणी कुटी मानी जाती है, भगवान राम ने घास फूस और पत्तों के द्वारा चित्रकूट में दो कुटिया बनाई जिसमें से एक कुटिया में भगवान राम और माता सीता निवास करती थी और दूसरी कुटिया में लक्ष्मण जी निवास करते थे और उनकी सुरक्षा के लिए तत्पर रहते थे, भगवान राम की कुटिया को त्रेता युग के समय पर्ण कुट कुटी के नाम से जाना गया था, पन्ना कुट्टी मंदाकिनी नदी के तट पर स्थित थी कोठी में निवास करने के दौरान भगवान मंदाकिनी नदी के जल से स्नान तथा जीवन यापन किया करते थे

चित्रकूट से प्रभास के दौरान किया था राक्षसों का नरसंहार,

और पुरानी कथाओं के अनुसार ऐसा भी कहा जाता है कि जैसे भगवान श्री राम ने 24 जगह पर 24 कोटियों का निर्माण किया था और ऐसे में जगह-जगह ऋषि मुनि ब्राह्मण और लोगों की सुरक्षा के लिए आवश्यकता अनुसार राक्षसों का नरसंहार भी किया था और ऐसा भी कहा जाता है कि त्रेता युग के प्रारंभ में ही भगवान श्री राम के वनवास में आने से ही पहले भगवान ब्रह्मा श्री ब्रह्मा ने यहां पर यज्ञ विधि का निर्माण कर यज्ञ करवाया था और चित्रकूट को भगवान श्री राम के रहने योग्य बनाया था, तो अब आपको मालूम पड़ गया होगा कि अपने वनवास समय के दौरान भगवान राम ने अपना सबसे अधिक लंबे वर्षों का समय चित्रकूट की धरती पर कुटिया बना बनाकर निवास करके बिताया था और उनमें सबसे महत्वपूर्ण कुटिया पर्न कुटी की मानी जाती है

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