मरने के बाद क्या होता है, मरने के बाद बॉडी में क्या फर्क आता है

डेथ से पहले कैसा महसूस होता है और डेथ होने के बाद बॉडी में किस तरह का बदलाव आते हैं जानिए

मरने के बाद क्या होता है करने के बाद इंसान के शरीर में क्या-क्या बदलाव आते हैं यह सवाल कभी ना कभी लोगों के मन में आता होगा देखिए जीवन में मृत्यु होना एक बहुत सच्चाई है जो की हर इंसान को फेस करना पड़ती है और जीवन काल की शुरुआती समय से ही चली आ रही है आध्यात्मिक के अनुसार तो कहा जाता है कि केवल व्यक्ति का शरीर में रहता है उसकी आत्मा नहीं मरती है आत्मा किसी दूसरे शरीर को धारण कर लेती है जो अलग टॉपिक है लेकिन आज बात करेंगे कि जब इंसान की मौत हो जाती है तो उसकी बॉडी में धीरे-धीरे क्या-क्या बदलाव आते रहते हैं अगर आप भी यह सब अच्छे से जानना चाहते हो तो आगे तक पूरा देखिए,

इंसान की मृत्यु कब होती है

मेडिकल और साइंस के अनुसार किसी व्यक्ति की मौत तब हो जाती है जबकि उसकी सांसे पूरी तरह बंद हो जाती है उसका दिमाग काम करना बंद कर देता है, दिल की धड़कनें भी धड़कन पूरी तरह बंद कर देती है मेडिकल की भाषा में इसको ब्रायन हैंड कहते हैं और आमतौर पर मौत कहते हैं, अस्पताल में ब्रांडेड के बारे में ऐसा होता है कि बीरैन स्टम रिस्पांस दे रहा है या नहीं लीगली तौर पर यह चेक किया जाता है, मौत होने के बाद शरीर मे जो बदलाब आते है बो जानिए,

डेथ होने के 1 घंटा बाद कैसी हो जाती है बॉडी

डेथ होने के बाद पहले तो बॉडी ठंडी पड़ने लगती है, आंखों की पलके तनाव छोड़ देती है बॉडी के अंदर की सारी मसल्स एकदम रिलैक्स हो जाती हैं, मुंह का जबड़ा खुल जाता है और बॉडी के अंदर जो भी अंग होते हैं जो भी जॉइंट की जगह होती है वह सब लचीले हो जाते हैं, धड़कने बंद होने के बाद बॉडी के अंदर एक पेलोर मार्टिस नाम की प्रक्रिया शुरू होती है जिस की बॉडी गुलाबी सी पढ़ाने लगती है, और धीरे-धीरे बॉडी का तापमान नीचे गिरना लगता है और जब अंदर की सारी मांसपेशियां रिलैक्स होती है इसलिए तभी के टाइम पर बॉडी टॉयलेट छोड़ देती है और अंदर बॉडी का हर चीज का तनाव खत्म हो जाता है

डेथ होने से पहले कैसा महसूस होता है

जिन लोगों की डेथ अकल नहीं होती समय आने पर होती है तो डेथ होने से पहले उन व्यक्तियों को किस तरह महसूस होता है द एक्सपर्ट की रिपोर्ट से हिसाब से यह जानते हैं, एक डॉक्टर जिन्होंने अपनी लाइफ में ट्रीटमेंट के दौरान कई लोगों की डेथ होते हुए देखी उन्होंने बताया कि देश से पहले किस तरह के बदलाव आते हैं इसके बारे में लिवरपूल यूनिवर्सिटी ने मानद रिसर्च फेलो सीमस कोयल ने द कन्वर्सेशन में लिखा की डेथ के करीब एक दो हफ्ते पहले लोगों में कुछ बदलाव मिलते हैं जैसे कि शरीर कमजोर हो जाता सोने में समस्या होने लगती, उनके आखिरी समय में टैबलेट से लेने खाना खाने कुछ पीने की सारी इच्छाएं खत्म होने लगती, सीमेंस कोयल के मुताबिक ही वैसे तो डेथ के एक्सपीरियंस को समझाना मुश्किल है लेकिन फिर भी अभी तक रिसर्च के मुताबिक ऐसा ही होता है और अपने आखिरी समय में मन के अंदर स्ट्रेस वाला तनाव का जो केमिकल होता है उसमें वृद्धि होने लगती है जो की बढ़ता जाता है और सांस बंद होने के बाद वह पूरी तरह रिलैक्स हो जाता है इस तरह का कुछ डॉक्टर एक्सपीरियंस के बाद बताया जाता है

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