हनुमान का जन्म और बचपन की शक्तियां बताए, Hanuman ji ka balpan aur shaktiyan,

हनुमान जी का बचपन और उनकी बचपन की शक्तिशाली कार्यों के बारे में जाने, बचपन में उनके द्वारा की गई अनोखी बड़ी-बड़ी घटनाओं के बारे में जाने

हनुमान का जन्म और बचपन की शक्तियां बताए – हनुमान जी के धर्म पिता का नाम बाजुदेव था इसके कारण ही हनुमान जी को पवन पुत्र के नाम से भी जाना जाता है, और उनके जीवन के पिता केसरी था जो वानर जाति के थे और उनकी माता का नाम अंजनी था, हनुमान जी बचपन से ही दिव्या थे उनके अंदर कई सारी शक्तियां बचपन से ही थी जिसे उन्होंने बालपन में ही बहुत बड़े-बड़े काम कर दिए थे, हनुमान जी ने अपने बचपन कल में पवन देव और ऋषि मतंग से शिक्षा प्राप्त की थी, हनुमान जी बचपन मैं बहुत नटखट थे वह ऋषि मुनियों के आश्रम के सारे फल खा जाते थे और उनको परेशान करते थे, बचपन में एक बार एक बार इंद्र के पुत्र जयंत और सूर्य के पुत्र शनि से उनका सामना हुआ था तब उन्होंने संकल्प लिया था कि भी भी आसमान में उड़ना सीखेंगे तब पवन देव ने उनको उड़ाना शिकाया था,

हनुमान जी की बचपन की शक्तियां और बड़े कार्यो के बारे में जाने

हनुमान जी ने एक बार शनि देव के अहंकार को तोड़ा था – बचपन में शनि देव अपने माता-पिता से रूठ कर घर से चले जाते थे और अपनी शक्ति का प्रयोग कर बाहर लोगों को परेशान करते थे एक बार एक गांव में उन्हें पानी नहीं भरने दिया जिसके कारण शनि देव ने उसे गांव में आग लगा दी थी और और हनुमान जी उनको समझाने गए थे लेकिन शनिदेव उनकी बात नहीं सुनते हैं और कहते हैं मेरे कार्य में विभिन्न मत डालो जिस कारण से हनुमान जी और शनि देव दोनों विवाद होता है और हनुमान जी जीत जाते हैं और शनिदेव को अपनी पूंछ में लपेटकर उनके पिता के यहां पर पहुंचा देते हैं इस तरह हनुमान जी ने एक बार शनिदेव का अहंकार तोड़ा था

हनुमान जी एक बार सूर्य को फल समझ के खा गए थे- एक बार बचपन में हनुमान जी सूर्य को चमकता हुआ देखकर एक पका हुआ फल समझकर खाने लगते हैं, सूर्य को खाने में राहु उनका मार्ग रोकते हैं लेकिन वह उनकी बात नहीं मानते हैं जिसके कारण देवराज इंद्र अपने बज से हनुमान जी के ऊपर प्रहार कर देते हैं और हनुमान जी मूर्छित होकर धरती पर गिर जाते हैं उसके बाद हनुमान जी के पिता बाजुदेव क्रोधित होकर सारे संसार से प्राण वायु को अपनी ओर खींच लेते हैं वायु ना मिलने के कारण सभी लोग करने लग जाते हैं परेशान होने लगते हैं फिर बाद में सभी देवी देवताओं के द्वारा पवन देव से विनती करने पर वायु को पुनः पृथ्वी में छोड़ जाता है लेकिन बदले में पवन देव सारे देवी देवताओं से कहते हैं कि वह उनके पुत्र हनुमान को कई सारी शक्तियां प्रदान करें फिर कहीं सारे देवी देवताओं के द्वारा हनुमान जी को अलग-अलग शक्तियां दी जाती है उसके बाद हनुमान जी और शक्तिशाली हो जाते हैं,

बचपन में समुद्र से संजीवनी पर्वत उठाया – देवगुरु बृहस्पति के कहने पर एक बार बचपन में ही हनुमान जी समुद्र में से संजीवनी पर्वत को अपने पिता के लिए उठाकर ले आते हैं यह देखकर उनकी माता और सभी लोग आश्चर्यचकित हो जाते हैं कि एक बालक इतना बड़ा पर्वत किस तरह उठा लाया

अपने महाबली बालिका का से आगे निकल कर दिखाएं – हनुमान जी के काका को अपने उड़ने पर अभिमान हुआ करता था वह बहुत तेज उड़ने थे ऐसे में हनुमान जी ने एक बार उनके साथ उड़कर उनसे तेज उड़ कर दिखाएं और आगे निकल गए ऐसे में उनके भ्रम को थोड़ा और उनको अच्छा नहीं लगा फिर बाद में हनुमान जी से गदा युद्ध का प्रयास किया उसमें भी हनुमान जी ने उनको हरा दिया, तब उन्होंने हनुमान जी से कहा कि तुम वास्तव में हो शक्तिशाली हो

Disclaimer

हमने आपको इस आर्टिकल में हनुमान जी के बचपन से जुड़ी कुछ अनोखी घटनाएं बताई हैं जो की हनुमान जी के द्वारा की गई थी अपनी बालपन की उम्र में ही इतने बड़े-बड़े कार्य कर देते थे हनुमान जी क्योंकि वह बचपन से ही वह शक्तिशाली थे

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