mba chaiwala life story, क्या एमबीए चायवाला फ्रॉड कंपनी है

mba chaiwala life story एमबीए चायवाला प्रफुल्ल बिल्लौर को कौन नहीं जानता इनको और आज से करीब 1 साल पहले जहां पर सभी लोग उनकी सफलता की कहानी को सुनकर उनकी तारीफों करने में लगे थे और आज उनमें से ही कई सारे लोग इनको फ्रॉड कह रहे हैं , और एमबीए चायवाला को फ्रॉड कहना भी चाहिए या नहीं कहना चाहिए क्या वह सच में गलत है क्या सच में एमबीए चायवाला ने कई सारे लोगों को ठगा है इसका सही जवाब आगे बिल्कुल देंगे क्योंकि आर्टिकल बहुत ही रिसर्च करके बनाई गई है तो आगे तक जरूर देखना

छोटे से गांव के लड़के ने बना दिया ब्रांड

लेकिन थोड़ा सा विचार कीजिए की एक छोटे से मामूली गांव के लड़के ने ऐसा क्या किया एक छोटे से चाय के ठेले को अपने नाम का ही ब्रांड बना दिया और उसको इंडिया में हर व्यक्ति जानता है mba चायवाला के बारे में कई लोग कह रहे हैं की एमबीए चाय वाला खत्म एमबीए चईवाला बर्बाद जो की रियल में ऐसा कुछ भी नहीं है भले ही एमबीए चायवाला की फ्रेंचाइजी के आउटलेट कहीं जगह ठीक से नहीं चल पा रहे हो और उनकी आउटलेट फ्रेंचाइजी की ज्यादा सेल नहीं हो रही हो लेकिन एमबीए चाय वाला अब भी आगे बढ़ रहा है और ग्रोथ कर रहा है क्योंकि एमबीए चायवाला का एकमात्र फ्रेंचाइजी outlet बिजनेस नहीं था इसके अलावा और भी काम है , इनकम करने के अलग-अलग तरीके हैं जो कि आपको आगे बताएंगे लेकिन इससे पहले यह जान लीजिए की एक 20 साल के लड़के ने कैसे चाय के ठेले को इतना बड़ा बनाया की एमबीए चायवाला के नाम से एक ऐसा ब्रांड बना दिया जिसको की लोगों ने अपनी मर्जी से 20 लाख से लेकर 30 लाख रुपए देकर खरीदा, मतलब कि लोगों ने उसके ब्रांड के नाम पर इतना बड़ा इन्वेस्ट कर दिया

एमबीए चायवाला की स्टार्टिंग बिजनेस स्ट्रेटजी के बारे में समझिये ( starting bussiness strategy of mba chai wala)

सुनी सुनाई बातों को याद ना करते हुए काम की बात करते हैं, एक लड़का जो कि अपने छोटे से गांव से mba कोर्स की पढ़ाई करने के लिए अहमदाबाद आता है लेकिन अपने माता-पिता को बिना बताए वहां पर एक चाय का ठेला खोल लेता है और उसे चाय के ठेले को अच्छे से चलाने के लिए नए-नए तरीके की बिजनेस स्ट्रेटजी अपनाता है

  • सबसे पहले तो वह जो भी कस्टमर आता उसे इंग्लिश में बात करता है जिससे कि सभी कस्टमर अट्रैक्टिव होते हैं कि एक चाय बेचने वाला लड़का इंग्लिश कैसे बोल रहा है
  • इसके अलावा एमबीए चायवाला का जो आईडीया सबसे ज्यादा काम कर गया वह यह था कि उन्होंने वैलेंटाइन डे के दिन सिंगल लोगों को फ्री चाय ऑफर करने का प्लान बनाया था सभी सिंगल लोगों को फ्री में अपनी तरफ से चाय पिलाई थी और उनकी यह ट्रिक सोशल मीडिया पर बहुत ज्यादा वायरल हो गई, उस टाइम पर सभी लोगों को यह जानने को मिला कि कोई ऐसा लड़का है जो कि वैलेंटाइन डे के दिन सारे सिंगल लोगों को अपनी तरफ से फ्री में चाय पिलाता है जिससे कि उन्हें बहुत ज्यादा पहचान मिली
  • एमबीए चायवाला के ठेले पर सभी तरह के लोग आते थे कंपनी में काम करने वाले या फिर खुद का बिजनेस करने वाले लेकिन ज्यादातर उनके यहां पर यूथ और कॉलेज स्टूडेंट आया करते थे तो उन्होंने अपने ठेले पर एक वोट लगाया जिसमें की लिख दिया जिसे भी कहीं पर जॉब चाहिए वह यहां पर अपना नाम नंबर लिखवा जाए मैं आपको जॉब दिलवाने में हेल्प करूंगा और यह भी लिखा कि अगर किसी व्यक्ति को एंपलॉयर की जरूरत हो तो वह भी अपनी हायरिंग के हिसाब से लिखकर जाए उनको एंपलॉयर दिलवाने में मदद करूंगा एमबीए चायवाला ने कुछ इस तरह की ट्रिक भी आजमाई,
  • बी चायवाला की अपने बिजनेस को चलाने के लिए यह बोर्ड ट्रिक थी जो कि उन्होंने खुद बताया है और कई लोगों को मालूम भी है क्योंकि उसे टाइम पर यह इतिहास उनके काम कर रहे थे लेकिन इसके अलावा भी उन्होंने और कई सारे तरीके और स्ट्रैटेजिक अपनी थी लेकिन वह काम नहीं करी तो उन्होंने अपने काम को चलाने के लिए इस तरह से दिमाग लगाया तब वह एक छोटे से चाय के ठेले से बी चाय वाला कंपनी की ब्रांड बना पाए थे और उनको पहचान मिल पाई थी इसके बाद से ही लोगों ने उनकी कंपनी के आउटलेट फ्रेंचाइजी लेना शुरू कर दिए थे

क्या एमबीए चायवाला ने लोगों को फ्रेंचाइजी आउटलेट बेचकर फ्रॉड किया है

देखिए बी चायवाला ने अपनी कंपनी के फ्रेंचाइजी आउटलेट इसलिए चालू किए थे क्योंकि उनका काम एक बड़े लेवल पर पहुंच गया था उनके आउटलेट को पब्लिक के द्वारा पसंद किया जा रहा था तो उन्होंने फ्रेंचाइजी आउटलेट बेचना चालू कर दिया जिसकी शुरुआत में कंप्रेस राखी और मार्केट में उनके आउटलेट की बढ़ती डिमांड को देखकर उसके रेट भी बढ़ा दिए जो की एक हर बिजनेसमैन करता है लेकिन यहां पर दिक्कत यह हुई कि जिन लोगों ने बी चायवाला के फ्रेंचाइजी आउटलेट 25 लाख से लेकर 30 लख रुपए में लिए जिसके लिए उन्होंने पैसा ही फाइनेंस कराया लेकिन इतना बड़ा इन्वेस्टमेंट करके पब्लिक को चाय बेच रहे हैं वैसे चाय के अलावा भी यह कैफ है तो उसमें और कई तरह के आइटम मिलते हैं चाय केवल कस्टमर को मिला बुलाने के लिए एक पहला नाम है लेकिन एमबी चायवाला के आउटलेट पर चाय की प्राइस बहुत याद आए जो की हर एक कस्टमर लेना पसंद नहीं करता है जिस टाइम पर बी चाय बनाने अपने स्टॉल की शुरुआत की थी बहुत ही कम इन्वेस्टमेंट के साथ शुरू किया था और और उनकी फ्रेंचाइजी आउटलेट लेने के लिए लोग लाखों रुपए खर्च करते हैं और उसके बाद भी उनके आउटलेट में टीम को रखना पड़ता है आउटलेट ओपन करने के लिए जगह रेंट पर लेना पड़ती है जो की एक बहुत बड़ा खर्चा है और इतना बड़ा इन्वेस्टमेंट करके एक कैफे की शुरुआत करना और सारा खर्च निकलने का काम हर एक एरिया के आउटलेट नहीं कर पा रहे हैं इसलिए एमबीए चायवाला के कई सारे आउटलेट नहीं चल रहे हैं तो शुरुआत में किसी भी एरिया में इतना बड़ा खर्च करके कैसे ओपन करना और उसको अच्छे से रन करवा लेना आसान काम नहीं है इसीलिए उनकी फ्रेंचाइजी के आउटलेट नहीं चल पा रहे हैं जिसकी वजह से उनकी विराट वैल्यू भी पहले से कम हो गई है उनके फ्रेंचाइजी आउटलेट बिकने की संख्या कम हो गई है लेकिन इसका मतलब यह बिल्कुल भी नहीं है कि एमबीए चायवाला का बिजनेस खत्म हो गया है या वह बर्बाद हो गए हैं

एमबीए चायवाला कंपनी के फ्रेंचाइजी आउटलेट बचने के अलावा भी अभी तक प्रफुल्ल बिल्लूरे कहीं जगह अपने पैसे इन्वेस्ट कर चुके हैं और अलग-अलग बिजनेस ओपन कर चुके हैं प्रफुल्ल बिल्लू रे के माध्यम से ही उनके भाई विवेक बिल्लू रहने अलग से अपने पूजा पाठ सामग्री के बिजनेस को कहीं गुना बढ़ा लिया है और अलग से काम स्टार्ट कर लिए जो कि उनके घर का ही काम है तो वहां से भी उनको एक अच्छी खासी प्रॉपर इनकम होती है और आने वाले टाइम में बी ऐसा कुछ ट्रिक या स्टडीज लेकर आएंगे जो की उनके काम में ग्रोथ दे उनके काम को बढ़ा दे, क्योंकि हमेशा कुछ ना कुछ नया करते रहना चाहिए चीजों को अपडेट करते रहना चाहिए इस तरह की बातें अपने सेशन में करते हैं

अभी के टाइम में भले ही उनके आउटलेट बिकने की संख्या कम हो गई हो लेकिन उनका नाम मार्केट में उसे लेवल पर बन चुका है कि वह एकदम से नहीं चला जाएगा क्योंकि उनके अभी के टाइम में करीब डेढ़ सौ से ज्यादा आउटलेट रनिंग पर हैं और अपनी कंपनी की तरफ से अलग-अलग ब्रांड जैसे चाय पत्ती और भी कुछ लॉन्च कर चुके हैं

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