Trading kese karte he – ट्रेडिंग करके पैसे कैसे कमाते हैं, Intraday trading kya he

Trading kese karte he – जिस तरह आगे धीरे-धीरे बढ़ाते टाइम के साथ मॉडर्निटी बढ़ती जा रही है वैसे ही लोग धीरे-धीरे हर फील्ड में नए-नए सेक्टर में अपना हाथ आजमा रहे हैं जैसे की कुछ सालों पहले शेयर मार्केट के बारे में केवल बहुत ही कम लोग जानते थे और इन्वेस्ट करते थे लेकिन आज के टाइम में स्मार्टफोन और इंटरनेट का चालान कितना ज्यादा बढ़ गया है कि जो लोग रूलर एरिया से बिलॉन्ग करते हैं अलग-अलग आउटसाइड के विलेज से बिलॉन्ग करते हैं वह भी शेयर मार्केट में इन्वेस्ट करते हैं और ट्रेडिंग करते हैं ऐसे में कई सारे लोग तो जानते होंगे कि Trading kese karte he और जो लोग इसके बारे में जानना चाहते हैं तो हम इस लेकर माध्यम से आपको इसके बारे में हम आपको जानकारी देते हैं की Trading kese karte he

Explain about trading – ट्रेडिंग को समझाएं

Explain about trading – ट्रेडिंग को पहले छोटे शब्दों में एक आसान भाषा में समझा देते हैं कि ट्रेडिंग में लोग किसी कंपनी के shares, प्रोडक्ट, या सर्विस आदि को खरीदते हैं और इस पर अपने लगाए गए पैसे से ज्यादा में बेचकर मुनाफा कमाकर वापस से सेल कर देते हैं और इस तरह से पैसा कमाते हैं और अभी ट्रेडिंग भी कई तरह की होती है कभी-कभी इसमें पैसा लॉस में भी चला जाता है और ट्रेडिंग किस-किस प्रकार की होती है यह बात आगे करेंगे पहले trading को ही समझ लीजिए की Trading kese karte he ट्रेडिंग का यह सारा काम इंटरनेट के द्वारा आपके स्मार्टफोन आपके लैपटॉप आपके कंप्यूटर पर ही होता है इसलिए ट्रेडिंग करने से पहले आपको इसके बारे में नॉलेज होना भी जरूरी है अगर कोई व्यक्ति बिना नॉलेज के इसकी शुरुआत करता है तो वह ज्यादातर लॉस में ही जाता है वहां से प्रॉफिट नहीं काम पता है और इसके लिए कुछ बेसिक इंग्लिश भी आनी चाहिए जो कि किसी किसी को नहीं आती है इसलिए बता रहे हैं और कुछ ट्रेडिंग के बारे में Share Market के बारे में पहले से बेसिक नॉलेज होना ही चाहिए और बाकी किसी भी कम को आप धीरे-धीरे प्रैक्टिकल तौर पर करके ही सीख पाते हो

Trading शब्द का मतलब व्यापार होता है और ट्रेडिंग में लोग बेनिफिट कमाने के लिए चीजों को एक जगह से दूसरी जगह भी करते हैं और आपको समझा दे अभी हम बात कर रहे हैं ऑनलाइन ट्रेडिंग की जो की शेयर मार्केट में की जाती है ट्रेडिंग का कम लोग ऑफलाइन भी करते हैं जरूरी नहीं की जो ऑनलाइन की जाती है शेयर मार्केट में उसको ही ट्रेडिंग कहते हैं trading करने का कम लोग कई तरह से करते हैं और आज के टाइम में ऑनलाइन स्टॉक ट्रेडिंग ज्यादा फेमस है कई सारे लोग ऑनलाइन स्टॉक में इन्वेस्ट करते हैं ताकि वहां से बेनिफिट कमा सके आगे हम आपको समझाएंगे की ट्रेडिंग किस तरह की जाती है अभी तक हमने आपको समझा है कि Trading kese karte he और क्यों करते हैं तो सीधा सा जवाब है पैसे कमाने के लिए करते हैं अब आगे समझाएंगे कि आप कैसे कर सकते हो

Trading kese kar sakte he

Trading की शुरुआत करने से पहले आपको एक अकाउंट बनाना होगा जिसका नाम होता है डीमेट अकाउंट Dmate account यह अकाउंट बनाने के लिए मोबाइल में कई सारी कंपनियों के एप्लीकेशन है और उन एप्लीकेशन या वेबसाइट के द्वारा ही आप ट्रेडिंग कर सकते हो एग्जांपल के लिए जैसे angel app, zerodha, upstock, यह सारे एप्लीकेशंस आपको प्ले स्टोर पर मिल जाएंगे इनको इंस्टॉल करने के बाद इसमें आपको अपना डिमैट अकाउंट ओपन करना होगा, उसके बाद आपको अपने डिमैट अकाउंट में पैसा ऐड करना होता है पैसा ऐड करने के बाद में आपको वहां पर कई सारी कंपनियों के शेयर्स मिल जाते हैं और उसके बाद में आप ट्रेंडिंग करना शुरू कर सकते हैं अब आगे बात करते हैं कि ट्रेडिंग कितने प्रकार की होती है

Trading कितने प्रकार की होती है

Trading कितने प्रकार की होती है – देखिए जो लोग ट्रेडिंग करते हैं वह दो तरह से करते हैं मतलब की कुछ लोग करते हैं शॉर्ट टर्म ( short term) के लिए यानी कि कम समय के लिए और कुछ लोग करते हैं लॉन्ग टर्म ( long term)के लिए यानी कि अधिक समय के लिए, शॉर्ट टर्म ट्रेनिंग में तीन तरह की ट्रेनिंग होती है जैसे:-

  • Intraday Trading
  • Option Trading
  • Swing Trading

Intraday Trading वह होती है जो की एक दिन के लिए की जाती है जिसमें कि लोग केवल एक दिन के लिए ही शेयर्स खरीदने हैं और बेचते है इस तरह की जाने बाली ट्रेडिंग को इंट्राडे ट्रेडिंग कहते हैं नाम से ही मालूम पड़ता है Intraday मतलब की दिन के अंदर इसीलिए एक ही दिन में शेयर्स को खरीदा जाता है और भेजा जाता है शेयर मार्केट का खुलने का टाइम सुबह 9:00 से दोपहर 3:00 बजे तक होता है सुबह शेयर खरीदने के बाद में आपको उसी दिन दोपहर 3:00 के पहले बेचना होता है अगर आप नहीं भेज पाते हो तो आपके अकाउंट में एक ब्रोकर भी लिंक होता है जो कि आपका shares को 3:00 बजे तक बेच देता है जिसके लिए शायद आपका कुछ चार्ज लगता है क्योंकि आप मार्केट बनाने से पहले शेयर्स नहीं बेच पाते हैं इसलिए, इंट्राडे ट्रेडिंग में आपका लॉस भी हो सकता है फायदा भी हो सकता है क्योंकि जिस प्राइस में आप सुबह के टाइम शेयर्स खरीदने हो जरूरी नहीं की उसका प्राइस दिन में या दोपहर तक बढ़ जाए काम भी हो सकता है ऊपर भी हो सकता है कुछ कहा नहीं जा सकता है इसके लिए आपको कई बार ग्राफ चेक करना पड़ता है जिसके लिए आपको नॉलेज होना जरूरी होता है

Swing Trading वह होती है जिसमें की कोई इन्वेस्टर खरीदे हुए शेयर्स को कुछ दिनों में या कुछ हफ्ते में वापस सेल कर देता है इसमें इन्वेस्टर अपनी खरीदी हुई प्राइस से 10% या 20% मुनाफा कमाकर ज्यादातर बेच देते हैं इस तरह की जाने वाली ट्रेडिंग को स्विंग ट्रेडिंग कहते हैं इसके लिए आपको कंपनियों के शेयर्स के बारे में बेसिक जानकारी होनी चाहिए ताकि आप ऐसा शेयर खरीदे जो कि आपको आगे मुनाफा दे सके, इस तरह की ट्रेडिंग इंट्राडे से दे बेचने वाली से थोड़ी सेफ मानी जाती है क्योंकि इसमें आपको उसी दिन अपने खरीदे हुए शेयर्स उसी दिन नहीं बेचना होता है प्राइस कम होने पर उसको होल्ड पर रख सकते हो और कुछ दिनों के अंदर जब प्राइस ऊपर जाती है तो उसको वापस सेल कर सकते हो

Option trading ऑप्शन ट्रेडिंग में कॉल और पट का ऑप्शन होता है अगर किसी को लगता है कि भविष्य में किसी शेर की कीमत बढ़ाने वाली है तो वह उसका कम पैसा या कुछ प्रीमियम देकर उसको खरीद सकता है और आगे कुछ दिन बाद उसको बेचकर कंपनी को पूरा पेमेंट करना होता है और और बाद में उसे शहर की कीमत बढ़ती है या घटती है उससे कोई फर्क नहीं पड़ता, ऑप्शन ट्रेडिंग में शेयर खरीदने के बाद उसकी एक्सपायरी डेट मंथली और वीकली होती है हमने आपको ऑप्शन ट्रेडिंग के बारे में यह बेसिक जानकारी दी है इसके बारे में और भी बारीकी से जानने के लिए और भी बहुत कुछ है जिसको आप एक्सपर्ट्स की वीडियो देखकर समझ सकते हो ऑप्शन ट्रेडिंग उसे प्रकार की होती है जिसमें की ज्यादातर लोग इन्वेस्ट करते हैं क्योंकि यहां से प्रॉफिट कमाने के चांस ज्यादा होते हैं बस ऑप्शन ट्रेडिंग के बारे में समझने के लिए आपको बेसिक नॉलेज और अंडरस्टैंडिंग अच्छे होने चाहिए तो यहां से पैसा कमाने के ज्यादा चांस होते हैं

अगर कोई ट्रेडिंग करता है तो शेयर मार्केट में कौन से शेयर्स की कीमत कम होगी कौन से शेयर्स की कीमत ज्यादा होगी यह सब बेसिक से फार्मूले डिमांड और सप्लाई के आधार पर डिपेंड करता है जो कि हर जगह हर प्रोडक्ट के मामले में होता है जिस शेयर्स की डिमांड ज्यादा होती है उसकी कीमत ऑटोमेटिक ही बढ़ जाती है और कोई ऐसा शहर है जिसकी कोई डिमांड नहीं हो रही है तो उसकी कीमत ऑटोमेटिक घट जाती है ट्रेडिंग करने के लिए पहले ट्रेडिंग वॉल्यूम को समझना जरूरी होता है

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